Skip to content
Thursday, 29 October 2026
BREAKING
UTTRAKHAND

मुख्यमंत्री धामी पहुंचे दक्ष मंदिर, पूजा अर्चना कर लिया आशीर्वाद, बोले- दिव्य व भव्य होगा 2027 का कुंभ

यज्ञ में आहूति डालते व अभिषेक करते सीएम धामी

हरिद्वार, 15 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को राजा दक्ष की नगरी कनखल पहुंचे। यहां उन्होंने कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक और पूजा अर्चना की। इस दौरान उन्होंने हरिद्वार के संतों से भी मुलाकात की।

यहां मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महादेव की नगरी में जब भी आना होता है तो मन में ऐसी श्रद्धा रहती है कि महादेव का आशीर्वाद लेना है। यहां मैंने महादेव से आशीर्वाद लिया है कि राज्य में सभी कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हों। उन्हाेंने बताया कि कुंभ मेला आने वाले समय में आयोजित होगा। सभी तैयारियां बिना किसी रुकावट के पूरी हों। मैंने सभी संतों का आशीर्वाद भी लिया है। वर्ष 2027 में संतों के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से हमारी सरकार और प्रशासन मिलकर कुंभ मेले का आयोजन करेंगे। हमारा प्रयास है कि अगामी कुंभ हमारे लिए बड़ा अवसर है।

भाजपा के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष को लेकर उन्हाेंने कहा कि निश्चित उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। युवाओं में जोश है, बाल्यकाल से ही उन्होंने लंबा कालखंड पार्टी के युवा र्मोचा और युवकों के बीच बिताया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है, भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। देश हित में जो कार्य किये जा रहे हैं पार्टी उन्हें आगे भी करती रहेगी।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि धार्मिक विधि विधान के साथ मुख्यमंत्री ने यहां रुद्राभिषेक किया। महाराज ने कुंभ को लेकर परम्पराओं के साथ सरकार के साथ खड़े रहने की भी बात कही। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत राजेन्द्र दास महाराज, कोठारी जसविन्दर सिंह, करौली शंकर महादेव, सूर्यामोहन गिरि, गढ़वाल कमीशनर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्यमंत्री जयपाल चौहान, शोभाराम प्रजापति, विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा आदि सहित कईं भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

—————

(Udaipur Kiran) / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *