फरवरी 2026 में दामोदर नदी के प्रदूषण का फिर होगा अध्ययन : सरयू

रांची, 21 दिसंबर (Udaipur Kiran) । दामोदर बचाओ आंदोलन के प्रणेता सह विधायक सरयू राय ने कहा कि फरवरी 2026 में दामोदर नदी के प्रदूषण का एक बार फिर गहन अध्ययन किया जाएगा। इस अध्ययन में जर्मनी के पर्यावरणविद हस्को भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि नदी को गंदा करने से बचना होगा, क्योंकि हर मानसून में दामोदर स्वयं को शुद्ध करने की क्षमता रखती है।
सरयू राय रविवार को युगांतर भारती, नेचर फाउंडेशन और आईआईटी (आईएसएम) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी और युगांतर भारती की वार्षिक आम सभा में बोल रहे थे।
राय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर देश में पर्याप्त कानून हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है। यदि सख्ती से कार्रवाई हो, तो प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
कार्यक्रम में युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण ने कहा कि पहले दामोदर का पानी कोई नहीं पीता था, लेकिन आज लोग इसका उपयोग कर रहे हैं और नदी में छठ जैसे पर्व फिर से होने लगे हैं। आईआईटी (आईएसएम) के प्रो अंशुमाली ने चेतावनी दिया कि नदियां खत्म हुईं तो इंसानी सभ्यता भी संकट में पड़ जाएगी।
वहीं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी संजय रंजन सिंह ने हाइड्रोजन और न्यूक्लियर ऊर्जा को भविष्य का समाधान बताया।
सभा में पर्यावरण, उद्योग और सतत विकास पर गहन मंथन हुआ और स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
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(Udaipur Kiran) / Manoj Kumar



