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Wednesday, 28 October 2026
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डीएम के निर्देश पर पलासी प्रखंड के आंगनबाड़ी केन्द्रों,पीडीएस डीलर और खाद विक्रेताओं की जांच

अररिया फोटो:जांच करते अधिकारी

अररिया 17 दिसम्बर(Udaipur Kiran) ।

नव पदस्थापित डीएम विनोद दूहन के पलासी प्रखण्ड क्षेत्र के भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों, जन-वितरण प्रणाली की दुकानों एवं खाद विक्रय से संबंधित मिली शिकायतों के आलोक में प्रखण्ड के सभी 21 पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों,पीडीएस दुकानों एवं खाद दुकानों का व्यापक एवं सघन जांच अभियान प्रारंभ किया गया है।

जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार यह जांच अभियान बुधवार और गुरुवार को संचालित किया जा रहा है।जांच की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात की संभावना न रहे।

पलासी प्रखण्ड के कुल 21 पंचायतों में प्रत्येक पंचायत के लिए दो-दो पदाधिकारियों को निरीक्षी पदाधिकारी के रूप में नामित किया गया है। ये पदाधिकारी संबंधित आंगनबाड़ी केन्द्रों, पीडीएस दुकानों एवं उर्वरक प्रतिष्ठानों का भौतिक निरीक्षण के साथ लाभुकों एवं उपभोक्ताओं से प्रत्यक्ष पूछताछ कर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट करेंगे।

जांच के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत एवं उपस्थित बच्चों की संख्या, पोषण आहार की गुणवत्ता, टेक-होम राशन के वितरण की स्थिति, केंद्रों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाएँ, साफ-सफाई, अभिलेखों का संधारण एवं सेविका,सहायिकाओं को मिल रहे मानदेय संबंधी शिकायतों की भी गहन समीक्षा की जा रही है।

इसी प्रकार जन-वितरण प्रणाली दुकानों पर खाद्यान्न की उपलब्धता, लाभुकों को निर्धारित मात्रा में अनाज का वितरण, लाभुकों की उपस्थिति, वितरण पंजी एवं अन्य अभिलेखों का संधारण, निर्धारित दरों का अनुपालन, पॉस मशीन के माध्यम से वितरण की स्थिति तथा उपभोक्ताओं से प्रत्यक्ष फीडबैक लिया जा रहा है।

उर्वरक प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के क्रम में उर्वरक भंडार की स्थिति, मूल्य सूचना पट का प्रदर्शन, भंडार पंजी एवं बिक्री पंजी का अद्यतन संधारण, ई-पॉस मशीन के माध्यम से विक्रय की स्थिति, निर्धारित दरों पर बिक्री एवं कालाबाजारी की संभावनाओं की भी गहन जाँच की जा रही है।

जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही, गड़बड़ी अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित कर्मियों, दुकानदारों अथवा संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि इस विशेष जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक एवं पात्र लाभुकों तक समय पर पहुँचाना, प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा आम जनता का प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ करना है।

(Udaipur Kiran) / राहुल कुमार ठाकुर

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