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Thursday, 29 October 2026
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गणेश वंदना के साथ नोएडा के प्रमुख पांच स्थानों पर रामलीला शुरू

गणेश वंदना के साथ प्रमुख पांच स्थानों पर रामलीला शुरू

गौतम बुद्ध नगर, 22 सितंबर (Udaipur Kiran) । नोएडा शहर में प्रमुख रूप से पांच स्थानों पर गणेश वंदना के संग सोमवार रात से रामलीला का मंचन शुरू हुआ। पहले दिन सोमवार को विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चाना की गई। इसके साथ ही राष्ट्र भक्ति का संदेश देते हुए ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा की गई। फिर दीप प्रज्ज्वलित करके रामलीला का मंचन शुरु हुआ। नोएडा स्टेडियम की रामलीला श्री सनातन धर्म रामलीला समिति के तत्वावधान में नोएडा स्टेडियम में हो रही प्रभु श्रीराम की दिव्यलीला का मंचन गणेश पूजन से आरंभ हुई। मुख्य अतिथि सांसद डॉ. महेश शर्मा ने गणेश वंदन करके रामलीला का शुभारंभ किया। फिर नारद मोह की लीला का मंचन हुआ।

इस मनमोहक प्रस्तुति में दर्शाया गया कि किस प्रकार नारद की तपस्या से इंद्र का सिंहासन डोल उठता है और कामदेव को उनकी तपस्या भंग करने के लिए भेजा जाता है। कामदेव को पराजित कर नारद के मन में उत्पन्न अहंकार को भगवान विष्णु अपनी माया के माध्यम से नष्ट करते हैं। रामलीला मंचन के प्रथम समिति के अध्यक्ष संजय बाली, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष विमला बाथम, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान कैप्टन विकास गुप्ता, नबाव सिंह नागर, श्रीनिवास सिंह नागर आदि उपस्थित रहे।

सेक्टर-62 के सी -ब्लॉक मैदान की रामलीला श्रीराम मित्र मण्डल नोएडा रामलीला समिति द्वारा सेक्टर-62 के रामलीला मैदान में आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव का मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद डा. महेश शर्मा एवं अनिल सिंह द्वारा दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया गया। श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के चेयरमैन उमाशंकर गर्ग, अध्यक्ष धर्मपाल गोयल एवं महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा व संस्था के पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया गया। श्रीरामलीला मंचन की शुरूआत श्री गणेश वंदना और गणेश पूजन के साथ हुआ। गणेश वंदना में कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुति पेश कर दर्शकों का मन मोह लिया। प्रथम दृश्य में दिखाया गया कि नारद जी को अहंकार हो जाता हैं और भगवान अपने भक्त के अहंकार का समूल नाश करते हैं। भगवान विष्णु अपनी माया से एक माया नगरी बनाते हैं,जिसमें विश्वमोहनी नाम की राजकुमारी का स्वयंवर होता है। नारद जी उस कन्या पर मोहित होकर उससे विवाह करना चाहते हैं और भगवान से सुन्दर स्वरूप मांगते हैं, लेकिन भगवान उनको बंदर का स्वरूप प्रदान करते हैं। जब वह सभा में पहुंचते हैं तो शिवगण उनका मजाक उड़ाते हैं और वह कन्या भगवान विष्णु के गले में वरमाला डाल देती है। उपहास से क्रोधित नारद जी भगवान को श्राप दे देते हैं। इधर लंका का राजा रावण राक्षसों के साथ ऋषि मुनियों पर अत्याचार करता हैं। इसी के साथ प्रथम दिवस की रामलीला का समापन भगवान की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

सेक्टर-46 के ए- ब्लॉक मैदान की रामलीला सेक्टर-46 के ए ब्लॉक मैदान में श्री राम लखन धार्मिक लीला कमेटी द्वारा सोमवार को रामलीला के शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के नोएडा के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने गणेश पूजा के बाद रामलीला का शुभारंभ किया वहीं उन्होंने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज से अच्छाई पर बुराई का प्रतीक त्योहार दशहरा पर्व का शुभारंभ हुआ है, 2 अक्टूबर को अच्छाई पर बुराई की हार होगी। इस अवसर पर रामलीला संयोजक पंडित कृष्ण स्वामी ने बताया कि रामलीला में गणेश पूजन से रामलीला का शुभारंभ हुआ। इसके बाद दशरथ समबरासुर के बीच युद्ध हुआ। इतना ही नहीं कैकई द्वारा राजा दशरथ के प्राणों की रक्षा और दशरथ द्वारा की गई को दो वर देने का वचन और दशरथ दरबार आयोजन किया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष विपिन अग्रवाल, महासचिव गिर्राज अग्रवाल और मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव उपस्थित रहे।

महर्षि नगर की रामलीला महर्षि नगर में महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ द्वारा आयोजित रामलीला का मंचन किया गया। वहीं महर्षि नगर में मां दुर्गा, गणेण, लक्ष्मी, सरस्वती, कार्तिकेय, राम, लक्ष्मण की मूर्ति स्थापना महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव की उपस्थिति में वैदिक विद्वानों द्वारा की गई। महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के प्रभारी शिशिर श्रीवास्तव और रामेंद्र सचान ने बताया है कि गणेश वंदना और गुरु पूजा से रामलीला का मंचन शुरू हुआ। पहले दिन राम जन्म, ताडका वध और मारीच सुबाहु का मंचन किया गया। सेक्टर-12 में शुरू हुई रामलीला सेक्टर-12 में बजरंग रामलीला संचालिका समिति द्वारा आयोजित रामलीला में सोमवार को भगवान गणेश की पूजा के साथ रामलीला शुरू हुई। समिति के अध्यक्ष कुल भूषण राय नागर ने बताया कि मंचन का आयोजन पूजन के उपरांत नारद मोह की लीला से आरम्भ हुई।

(Udaipur Kiran) / सुरेश चौधरी

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