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Thursday, 29 October 2026
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नीतीश कैबिनेट बैठक में सात निश्चय योजना 3.0 को मंजूरी, बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य

धान अधिप्राप्ति की समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री नीतीश

पटना, 16 दिसंबर (Udaipur Kiran) । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सात निश्चय योजना 3.0 को मंजूरी दे दी गई। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 24 नवंबर 2005 से राज्य में कानून का राज स्थापित है। सुशासन के कार्यक्रमों के तहत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) के निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया गया है। अब बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 को लागू करने का निर्णय लिया गया है।

‘दोगुना रोजगार–दोगुनी आय’

सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार–दोगुनी आय’ है। इसका उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है। इसके तहत ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के अंतर्गत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये दिए जाएंगे और रोजगार विस्तार के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। बिहार के उत्पादों की बिक्री के लिए हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे।

‘समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार’

दूसरा निश्चय ‘समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार’ है। इसके तहत औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है। अगले पांच वर्षों में राज्य में कम से कम 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य तय किया गया है। बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को चरणबद्ध रूप से चालू करने और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का निर्णय लिया गया है।

‘कृषि में प्रगति–प्रदेश की समृद्धि’

तीसरा निश्चय ‘कृषि में प्रगति–प्रदेश की समृद्धि’ है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 तक के चौथे कृषि रोड मैप के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। मखाना रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी और मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा प्रत्येक पंचायत में ‘सुधा’ बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

‘उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य’

चौथा निश्चय ‘उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य’ है। इसके तहत राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन किया गया है। पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा और नई एजुकेशन सिटी का निर्माण किया जाएगा।

‘सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन’

पांचवां निश्चय ‘सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन’ है। प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र और जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में लोक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए चिकित्सकों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

‘मजबूत आधार–आधुनिक विस्तार’

छठा निश्चय ‘मजबूत आधार–आधुनिक विस्तार’ है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों का विस्तार, नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण और नए नियोजित शहरों का विकास किया जाएगा। 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का दो लेन में चौड़ीकरण, सोलर ऊर्जा को बढ़ावा और पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा। साथ ही फिल्म सिटी का निर्माण कर फिल्म उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

‘सबका सम्मान–जीवन आसान’

सातवां और अंतिम निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ है। इसके तहत आधुनिक तकनीक, नवाचार और संवेदनशील सुशासन के माध्यम से राज्य के नागरिकों के जीवन को आसान बनाने पर जोर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सात निश्चय-3 के प्रभावी क्रियान्वयन से विकसित बिहार का संकल्प पूरा होगा और बिहार देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।————–

(Udaipur Kiran) / गोविंद चौधरी

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