
New Delhi, 10 दिसंबर (Udaipur Kiran) . दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज दिल्ली सचिवालय में स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस अहम बैठक में दिल्ली परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्यूडी), दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य, विभिन्न संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. आज की बैठक फरवरी 2023 के बाद पहली बार आयोजित हुई है. बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर हुई प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई. विशेष रूप से सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा के साथ वर्ष 2025–2030 ‘रोड सेफ्टी वर्क प्लान’ के तहत Road Accident ओं में 50 फीसदी कमी लाने के लिए रोडमैप तैयार किया गया.
स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में सड़कों पर चलने वाले पैदल यात्रियों, साइकिल सवार लोगों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया. परिषद के सदस्यों ने गैर-मोटर चलित परिवहन को प्राथमिकता देने के साथ ही पहले चरण में दिल्ली के 100 स्कूलों में “सेफ स्कूल जोन” विकसित करने पर जोर दिया, जिसके लिए दिल्ली शिक्षा निदेशालय के सभी स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब का गठन कर सक्रिय रूप से काम चल रहा है. दिल्ली सरकार इन क्लबों के सदस्यों को रोड सेफ्टी को लेकर उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी. दिल्ली सरकार के इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और घर से स्कूल आने-जाने के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना है.
स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल ने दिल्ली के रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और एनडीएमसी इलाके में अलग से बस लेन की मार्किंग के साथ ही ‘जीरो टॉलरेंस जोन’ स्थापित करने के भी सुझाव दिए. साथ ही यह भी उल्लेख किया कि 47 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कैमरे जो पहेले से राजधानी में सक्रिय हैं. इसके साथ ही 24×7 निगरानी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस आईटी दिल्ली के साथ मिलकर विशेष जोखिम वाले स्थानों की पहचान करेगी. इसके अलावा 18 पहचान किए गए ब्लैक स्पॉट्स पर सक्रिय रूप से सुधार का भी काम चल रहा है, जिनमें दिल्ली गेट और आईएसबीटी कश्मीरी गेट जैसे स्थानों पर सुरक्षा स्थिति में उल्लेखनीय सुधार नजर आ रहा है.
स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल ने सड़क हादसे में घायल होने वाले पीड़ितों की सहायता योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की, जिनमें Road Accident के पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम, गंभीर रूप से घायल होने के मामलों के लिए हिट एंड रन स्कीम और राह-वीर गुड समैरिटन स्कीम शामिल हैं.
स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर सामूहिक प्रयासों के माध्यम से सही कार्य योजना बनाकर Road Accident एं रोकी जा सकती हैं. हमारी सरकार सामूहिक प्रयासों, सख्त नियम और संवेदनशील नागरिक-केंद्रित योजनाओं के माध्यम से सड़कों पर चलने वाले लोगों की जान बचाने और दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबद्ध है. दिल्ली के सभी मार्गों पर ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर उन्हें ठीक करने, सेफ स्कूल जोन और तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने पर हमारी सरकार का विशेष फोकस है, राजधानी में होने वाली Road Accident ओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए, जिसका आने वाले महीनों में ठोस परिणाम दिखाई देगा.
स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में आगे की कार्य योजना तय करते हुए अगले साल 2026 में “दिल्ली रोड सेफ्टी समिट” आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, ताकि सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों, एजेंसियों और नागरिकों के बीच व्यापक सहयोग को बढ़ावा मिल सके.
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(Udaipur Kiran) / धीरेन्द्र यादव
