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Thursday, 29 October 2026
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वार्षिकी : उप्र खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष से तीन माह पूर्व ही हासिल किये नये मुकाम

मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ, 30 दिसंबर(Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और स्वरोजगार के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने विभिन्न योजनाओं का सफल संचालन कर कौशल विकास और विपणन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। इस वर्ष विभाग ने अधिकांश योजनाओं में लक्ष्य से अधिक उपलब्धियां हासिल कीं।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 32 रोजगार का सृजन

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने एवं युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ओर से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 में लक्ष्य से अधिक दो हजार 994 ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना हुई और 32 हजार 384 रोजगार का सृजन किया गया। हालांकि इस वर्ष का लक्ष्य दो हजार 482 इकाइयों की स्थापना कर 27 हजार 302 रोजगार सृजित करने का ही था। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत भी प्रदेश में 94 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिसके माध्यम से दो हजार 586 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। खादी एवं ग्रामोद्योग का यह प्रयास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पं. दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना के तहत प्रदेश की 219 खादी ग्रामोद्योग संस्थाओं के 66 हजार 859 कारीगरों को लाभ पहुंचाया गया। वहीं सूती और ऊनी वस्त्रों के निर्माण को दिए जा रहे प्रोत्साहन के तहत सात हजार 448 कम्बलों का उत्पादन हुआ है। विभाग की यह योजनाएं खादी उत्पादों के विपणन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 1,092 ग्रामोद्योग इकाइयों को लाभान्वित किया गया जो ग्रामीण क्षेत्रों में लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने में सहायक सिद्ध हुईं।

निफ्ट के सहयोग से खादी वस्त्रों के शोध, डिजाइन और मानकीकरण में नवाचार

खादी वस्त्रों को आधुनिक एवं युवाओं के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट), रायबरेली के सहयोग से खादी वस्त्रों की डिजाइनिंग, कटिंग, सिलाई और पैकेजिंग का प्रशिक्षण देने का अनुबंध किया गया है। इसके तहत पिछले साल 40 युवा कारीगरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। इस वर्ष इस क्रम में विभाग ने 30 लाख रुपये का प्रावधान किया। विभाग की ओर से खादी उत्पाद के विकास, मानकीकरण एवं गुणवत्ता विनिश्चय अभियान के तहत 59 लाख रुपये की लागत से 245 व्यक्तियों को प्रशिक्षण एवं उपकरण वितरण किया गया। विभाग की कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना के तहत आठ हजार 750 लाभार्थियों को विभिन्न ट्रेड्स में कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों के प्रचार-प्रसार और उनको जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने 755 लाख रुपये व्यय कर प्रदेश के 18 मंडलों में प्रदर्शनियां और 351 तहसीलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इससे ग्रामीण उद्यमियों की न केवल नए बाजारों तक पहुंच बढ़ी है, उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य, निर्यात और विपणन में अग्रणी लघु एवं कुटीर उद्यमियों एवं संस्थाओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ये उपलब्धियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और सफल नीतियों का परिणाम हैं, जो उनके आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

(Udaipur Kiran) / दिलीप शुक्ला

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