Skip to content
Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
UTTAR PRADESH

मणिकर्णिका घाट पर लकड़ी विक्रेता मनमानी नहीं कर पाएंगे,रेट बोर्ड लगाना अनिवार्य

फोटो प्रतीक

—तीन दिन से ज्यादा नहीं रख सकेंगे लकड़ी का स्टॉक,रामलीला कमेटी के पास बनेगा पार्किंग स्टैंड

वाराणसी,20 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी स्थित ​मोक्ष तीर्थ मणिकर्णिका घाट पर लकड़ी विक्रेताओं की मनमानी और बेतरतीब रखे लकड़ी के ढेर को लेकर नगर निगम प्रशासन सख्त रूख अख्तियार किया है। शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने घाट पर सघन अभियान चलाया।

इस दौरान न सिर्फ घाट पर बेतरतीबी से रखे गए लकड़ियों के ढेरों को हटवाया गया, बल्कि दुकानदारों के लिए कड़े नियम भी लागू किए गए हैं। ​सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के नेतृत्व में पहुंची टीम ने घाट की सीढ़ियों पर रखी गई लकड़ियों को हटवाकर रास्ता साफ कराया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी दुकानदार तीन दिन से अधिक का स्टॉक घाट पर जमा नहीं करेगा। इसके साथ ही, अब हर दुकान पर एक बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, जिस पर दुकानदार का नाम, मोबाइल नंबर और लकड़ी की दरें (रेट) साफ-साफ लिखी होंगी। इसका उद्देश्य अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिजनों को किसी भी प्रकार की ठगी से बचाना है। ​सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के अनुसार मोक्षतीर्थ मणिकर्णिकाघाट को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस प्रशासन के सहयोग से रामलीला कमेटी के पास जमा मलबे को साफ कराया गया। नगर निगम का उद्देश्य इस खाली स्थान को दोपहिया वाहनों के पार्किंग स्टैंड के रूप में विकसित करना है, जिससे घाट पर आने-जाने वालों को जाम से राहत मिल सके।

——​शहर से हटेंगे कूड़ा घर, पीसीटीएस तकनीक पर जोर

​’स्वच्छ काशी-सुंदर काशी’ अभियान के तहत नगर निगम अब शहर के पारंपरिक कूड़ा घरों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने जा रहा है। इनके स्थान पर आधुनिक पोर्टेबल कॉम्पेक्टर ट्रांसफर सिस्टम (पीसीटीएस) लगाए जाएंगे।​ इस अभियान में मुख्य रूप से नायब तहसीलदार शेष नाथ, कोतवाली के जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण, एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी समेत भारी संख्या में पुलिस बल और निगम कर्मी मौजूद रहे।

उधर,​अवलेशपुर चितईपुर में करीब 10 बिस्वा जमीन पर पीसीटीएस बनाने के लिए प्री-कास्ट बाउंड्रीवाल का काम नगर निगम प्रशासन ने शुरू कर दिया है। इसी तरह व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र ​हड़हासराय में नगर निगम ने करीब छह बिस्वा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। इस जमीन की भी बाउंड्री कराई जा रही है, ताकि भविष्य में इसे पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।

​

—————

(Udaipur Kiran) / श्रीधर त्रिपाठी

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *