Skip to content
Thursday, 29 October 2026
BREAKING
CHHATTISGARH

धमतरी : रेलवे प्रभावितों के मुद्दे पर निगम के सामने हंगामा, महापौर की गाड़ी के आगे लेटे पार्षद

महापौर रामू रोहरा के जाते समय सड़क में लेटे हुए कांग्रेसी।
नगर निगम कार्यालय के सामने रहा गहमागहमी का माहौल।

धमतरी, 19 दिसंबर (Udaipur Kiran) । धमतरी नगर निगम में बिगड़ी व्यवस्थाओं समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर विपक्षी पार्षदों का सात दिवसीय धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। धरने के तीसरे दिन शुक्रवार को उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब रेलवे प्रभावित परिवारों को व्यवस्थापन दिलाने की मांग को लेकर विपक्षी पार्षदों ने महापौर रामू रोहरा को निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर ही रोक लिया। धरना स्थल पर देर तक नारेबाजी और गहमागहमी का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस और निगम प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

एमआईसी की बैठक के बाद जैसे ही महापौर वाहन की ओर बढ़े, रेलवे प्रभावितों और कांग्रेस पार्षदों ने उन्हें घेर लिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कांग्रेस पार्षद योगेश लाल और विशु देवांगन महापौर की गाड़ी के सामने लेट गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। कांग्रेस पार्षदों का आरोप था कि महापौर बनने के बाद रामू रोहरा रेलवे प्रभावित परिवारों से मिलने तक नहीं गए। चुनाव के समय रोज वार्डों में पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि अब प्रभावितों की सुध नहीं ले रहे हैं, जबकि कई परिवार आज भी तंबू में रहने को मजबूर हैं। विरोध दर्ज कराने के लिए पार्षद दीपक सोनकर भी सड़क पर बैठ गए।

धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्षद सूरज गहरवार, पूर्णिमा रजक, सुमन मेश्राम, उमा भागी ध्रुव, रामेश्वरी कोसरे, ब्लॉक शहर अध्यक्ष आकाश गोलछा, गौतम वाधवानी, राजेश ठाकुर, राजेश पांडेय, सोमेश मेश्राम, अजय वर्मा, उदित साहू, श्याम देवांगन, संजू साहू, ज्ञानेश्वरी कामड़े, वातांजली गोस्वामी, देवेंद्र देवांगन, अजय सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हंगामे के बीच महापौर रामू रोहरा ने सभी को समझाइश दी और कहा कि, रेलवे प्रभावित परिवारों की चिंता नगर निगम और सरकार दोनों को है। उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों को बहुमंजिला मकानों में शिफ्ट किया जा चुका है और शेष के लिए भी प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि शहर में विकास अब साफ दिखाई देने लगा है। मात्र आठ माह में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। कांग्रेस शासनकाल में क्या कार्य हुए, यह जनता भली-भांति जानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को विकास से कोई लेना-देना नहीं है और केवल विरोध की राजनीति की जा रही है। पहली बार बड़ी संख्या में हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, जबकि कांग्रेस शासन के दौरान आवासों की स्वीकृति तक रोक दी गई थी।

(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *